You are currently viewing Kabirdas ke Dohe Part 4

Kabirdas ke Dohe Part 4

 

 

Previous        Menu           Next

 

यह तो घर है प्रेम का, खाला का घर नाहिं।
सीस उतारे भुइ धरे, तब घर पैठे माहिं।।

 

यह मौसी का घर नहीं है कि जिसमें प्रवेश करने पर पूर्ण आदर और सम्मान प्राप्त होगा। यह प्रेमरूपी घर है। इस प्रेम रूपी घर में प्रवेश करने के लिए कठिन साधना की आवश्यकता होती है। अपना मस्तक काट कर धरती पर चढ़ाना होता है तब भगवान अपने घर में प्रवेश करने की अनुमति देते हैं अर्थात् तन मन, सब कुछ प्रभु के चरणों में अर्पित करो।

 

        Next

 

spiritual talks

Welcome to the spiritual platform to find your true self, to recognize your soul purpose, to discover your life path, to acquire your inner wisdom, to obtain your mental tranquility.

Leave a Reply